प्यार का आधार सिर्फ “आई लव यू” नहीं होता, जानिए इस छोटी सी कहानी से..

Sun 02-Mar-2025,04:41 PM IST +05:30

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प्यार का आधार सिर्फ “आई लव यू” नहीं होता, जानिए इस छोटी सी कहानी से.. "I LOVE YOU"
  • आशी ने कई बार देखा कि अर्णव की मौसी-बड़ी के रिश्ते वाली बहनें उसे लव यू बोलते रहती है, वो जानना चाहती थी कि क्या वो अपनी बहनों को रिस्पॉन्स करता है या नहीं..

  • जिस अर्णव के मुह से लव यू सुनने के लिए आशी तरस जाती थी, उसने अपनी बहन को चैट में इतनी आसानी से लव यू टू, लव यू टू कई दफा लिखा है। 

  • उठते-बैठते-जागते-सोते दिन में 50 दफा मैं आपको लव यू बोलती हूँ पर एक बार भी रिस्पॉन्स नहीं करते आप.. इतने में अर्णव बोला- “तुम्हारे लिए लव यू निकल ही नहीं पाएगा।

  • आशी की आंखे बार-बार भर आती है जब उसे अर्णव की वो बात याद आती है। 

Chhattisgarh / Raipur :

“तुम्हारे लिए लव यू निकल ही नहीं पाएगा। वो हो ही नहीं सकता दिल से....” अर्णव की ये बातें सुन कर आशी को जैसे धक्का लगा हो, उसे बहुत ठेस पहुंची इस बात से.. दम सा घुटने लगा..एकदम से जैसे फुट-फुट के रोना चाहती हो.. उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था.. दरअसल ये पहली बार नहीं था जब अर्णव ने ऐसा बोला हो, वो कई बार आशी को ये बात कह चुका था कि उससे नहीं हो पाएगा ये प्यार-व्यार.. पर आशी इसी उम्मीद में बैठी रहती कि एक दिन सब ठीक हो जाएगा.. आज बहस इस बात से चालू हुई कि आशी ने न चाहकर भी अर्णव का चैट पढ़ लिया। आशी ने कई बार देखा कि अर्णव की मौसी-बड़ी के रिश्ते वाली बहनें उसे लव यू बोलते रहती है, वो जानना चाहती थी कि क्या वो अपनी बहनों को रिस्पॉन्स करता है या नहीं.. आशी को हमेशा लगता था कि अर्णव सबके लिए बहुत रुड है, वो बहुत प्रैक्टिकल आदमी है, लव यू जैसे वर्ड जब आशी के कई बार बोलने पर भी उसे नहीं बोलता तो सब को यूं ही नहीं बोलेगा। पर उसने अपनी बहन को चैट में कई बार लव यू टू लिखा था जिसमें दोनों तरफ से बात चित थी। आशी को चैट पढ़ के ऐसा लगा जैसे अर्णव को अभी तक वो समझ ही नहीं पाई है। जिस अर्णव के मुह से लव यू सुनने के लिए आशी तरस जाती थी, उसने चैट में इतनी आसानी से लव यू टू, लव यू टू लिखा है। आशी को लगता था कि अर्णव सबके लिए प्रैक्टिकल हैं, पर आज उसे समझ में आया कि अर्णव सिर्फ उसके लिए अलग था.. भाई-बहन के लिए अर्णव का प्यार और व्यवहार सामान्य था। आशी को रीअलाइज़ हुआ कि उसे ये चैट नहीं पढ़ने चाहिए पर एक बात की खुशी भी थी कि इससे वो अर्णव को एक स्टेप और समझ पाई.. पर आशी को अर्णव की उस सिस्टर के बात करने का तरीका या व्यवहार थोड़ा अच्छा नहीं लगता था.. एक दिन आशी ने अर्णव से पूछ लिया कि वो उसके लव यू का कभी कोई रिस्पॉन्स क्यों नहीं करते.. बाकी सबको कैसे बोलते रहते हो.. आशी ने उसकी बहन का भी जिक्र किया.. अर्णव ने जवाब दिया कि वो तो सबको ऐसे ही बोलते रहता है। उन्होंने कहा कि मैं तो अपनी भतीजी और बहनें सबको बोलता रहता हूँ.. उसमें क्या बड़ी बात है.. इन सबसे तो कोई भी कॉल लव यू टू के बिना एंड नहीं होता.. आशी को रीअलाइज़ हुआ कि वो जैसा सोचती थी अर्णव को लेकर वो गलत थी.. आशी के ये पूछने पर कि इतनी आसानी से सबको लव यू बोलते हो, तो मुझे क्यों नहीं..? उठते-बैठते-जागते-सोते दिन में 50 दफा मैं आपको लव यू बोलती हूँ पर एक बार भी रिस्पॉन्स नहीं करते आप.. इतने में अर्णव बोला- “तुम्हारे लिए लव यू निकल ही नहीं पाएगा। वो हो ही नहीं सकता दिल से....” वो लावा उफन-उफन कर पिघलने को तैयार था पर आशी कठोर बूत बने बैठी रही..उसके अंदर इतनी हल-चल थी कि वो सब दबोच कर चुप चाप सिर झुकाए बैठी रही। अर्णव को आशी का इस तरह चैट पढ़ना अच्छा नहीं लगा.. उसे लगा जैसे आशी उस पर शक कर रही है.. हो सकता है आशी के पूछने का तरीका गलत हो, पर आशी का मन साफ था.. उसे बस चीड़ हो रही थी कि जो शब्द वो अर्णव से सुनने के लिए मरती थी वो इतनी आसानी से सबको बोलते फिरते हैं। आशी ने अर्णव को समझाया कि वो उसे गलत नहीं कह रही है.. उसने ये सब पुछ कर सिर्फ अपना मन हल्का किया है। और फिर अर्णव और आशी एक-दूसरे को हग करके सब कुछ सामान्य करने की कोशिश करते हैं। आज उस बात को गए तीन दिन हो गए हैं पर आशी और अर्णव जैसे खोए-खोए से रहते हैं.. अर्णव शांत से रहने लगे हैं.. और आशी की आंखे बार-बार भर आती है जब उसे अर्णव की वो बात याद आती है- “तुम्हारे लिए लव यू निकल ही नहीं पाएगा। वो हो ही नहीं सकता दिल से....” लेकिन आज भी दोनों हँसते-हँसाते, एक-दूसरे का ख्याल रखते हुए प्यार भारी ज़िंदगी गुजार रहे हैं और एक-दूसरे को खूब चाहते हैं। और एक मजे की बात बताऊँ.. अब तो अर्णव भी आशी को अपने से लव यू कहने लगा है.. इसीलिए कहते हैं कि रिश्तों को समय दो.. वो खुद ब खुद संवार जाते हैं..